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एमएससी (माइक्रोबायोलॉजी)

केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान वर्ष 1959 से शिक्षण के कार्य से जुड़ा हुआ है।  संस्थान को परा-स्नातक प्रशिक्षण (एम० डी०, रोग विज्ञान तथा जीवाणु विज्ञान) के लिए मान्यता प्राप्त थी।  यह संस्थान दिनांक 17 अप्रैल 1959 को सूक्ष्मजीव विज्ञान के विषय में बी० एस० सी० (आनर्स) तथा एम० एस० सी० (आनर्स) के पाठ्यक्रम चलाने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया था। इसके बाद वर्ष 1973 में यह संस्थान सुक्ष्मजीव विज्ञान  विषय में बी० एस० सी०, एम० एस० सी० और एम० फिल के पाठ्यक्रम चलाने के लिए हिमाचल प्रदेश से संबद्ध हो गया। इन पाठ्यक्रमों के चलाये जाने के बाद से ( एम० एस० सी०, पी० एच० डी०, सुक्ष्मजीव विज्ञान) के कुल 272 शोध पत्र प्रस्तुत किए जा चुके है।

   वर्तमान में यह संस्थान एम० एस० सी० (सु सुक्ष्मजीव विज्ञान) के दस विद्यार्थियों को प्रवेश देता है जिनमें से 5 सीटें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम के भरी जाती है और शेष 5 सीटें सेवारत अभ्यर्थियों से लिए है।

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